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धार्मिक स्थानों की यात्रा करने से पुण्य के अलावा मिलते हैं ये 4 और फायदे

सामान्यतः लोग धार्मिक यात्रा के पीछे दान-पुण्य, पापों से मुक्ति आदि कारण ही समझते हैं, लेकिन वास्तव में इन स्थानों की यात्रा पर जाने से और भी कई फायदे मिलते हैं। वैसे तो धर्मिक स्थलों यानी तीर्थ यात्रा का प्रचलन रामायण और महाभारतकाल में भी था, लेकिन आदि शंकराचार्य ने आम लोगों के लिए इसका नियम बनाया है। उनके भाष्यों में इसका उल्लेख हैं। तीर्थ यात्रा करने का धार्मिक महत्व तो है ही लेकिन कम ही लोगों को उन 4 फायदों के बारे में पता है, जिनकी वजह से हर किसी को नियमित रूप से धार्मिक स्थलों और तीर्थों यात्राओं पर जाना चाहिए।

ये है धार्मिक स्थानों की यात्रा के फायदे

1. ऊर्जा

धार्मिक स्थलों और तीर्थों को ऊर्जा का केन्द्र माना जाता है। कहा जाता है कि जो ऊर्जा इन जगहों पर रहती है, वह और कहीं नहीं पाई जाती। यही कारण है कि इन स्थानों पर जाकर मनुष्य का मन शांत और ऊर्जावान हो जाता है। इन स्थानों पर जाने वाला व्यक्ति हमेशा ऊर्जा और सकारात्मक सोच से भरा होता है।

2. सेहत

धार्मिक स्थलों की यात्रा स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि जिस जगह पर यह होते हैं, वहां का वातावरण स्वच्छ होता है। इन स्थानों पर सीढ़ियां होती ही हैं, जिन्हें चढ़ने-उतरने से और भजन-कीर्तन में तालियों के साथ गाने से हथेली और तलवे पर दबाव पड़ता है, जो एक्यूप्रेशर की तरह काम करता है।

3. नई जानकारी

सेहत के साथ-साथ तीर्थ यात्रा हमारा आध्यात्मिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक ज्ञान भी बढ़ाती है। यात्रा के दौरान कई जगहों का इतिहास और महत्व श्रद्धालुओं को जानने का मौका मिलता है। साथ ही उस जगह से जुड़ी कला, संस्कृति, परंपरा आदि के बारे में भी यात्री को ज्ञान मिलता है।

4. नए संबंध

तीर्थ यात्रा में अपने घर-परिवार के अलावा भी अन्य लोगों के संपर्क में आते हैं, जिससे जान-पहचान में वृद्धि होती है। इसकी वजह से हमें कई संस्कृति, रीति -रिवाज और खान-पान आदि के बारे में जानने का मौका मिलता है। साथ ही मनुष्य हर परिस्थिति में रहना और दूसरों के प्रति अपनेपन का भाव सिखाता है।

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