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आपदा के दौरान कुशल प्रबंधन से रोकी जा सकती है जान-माल की क्षति- कलेक्टर

धार.
जिले में बाढ़ की स्थिति के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों व पूर्व तैयारियों के लिए बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक बुधवार को कलेक्टर धार श्रीकांत बनोठ की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में श्री बनोठ ने कहा कि कुशल प्रबंधन से आपदा के दौरान जान-माल की हानि को रोका जा सकता है। धार जिले में पिछले वर्ष वर्षा सामान्य से अधिक रही है। बाढ़ से निपटने हेतु सभी अधिकारियों की तैयारी इस प्रकार होनी चाहिए कि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटा जा सके, बाढ़ से निपटने हेतु सभी विभागों का सहयोग अतिआवश्यक है। उन्होने निर्देशित किया कि ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के मोबाइल नम्बर अद्यतन किये जाए। संबंधित नगरीय क्षेत्र, ग्राम के समीपस्थ वेल्डिंग मिस्त्री, जेसीबी चलाने वाले, कटर वाले, ट्रेक्टर, डम्पर चलाने वाले, मध्यान्ह भोजन चलाने वाले स्व-सहायता समूहों एवं राशन दुकानदारों के नम्बर की सूची अद्यतन की जावे। साथ ही ऐसे क्षेत्रों को पूर्व से ही चिन्हांकित किया जावे, जहाँ पर अतिवृद्धि होने से बाढ़/आपदा की स्थिति निर्मित होने पर उन्हें रात शिविर/कैंप स्थल पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है।
श्री बनोठ ने अवगत कराया कि जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 07292-222703 है। कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा। उसके प्रभारी अधिकारी अधीक्षक, भू-अभिलेख होंगे। उन्होने निर्देशित किया जिन तहसीलों के ग्राम नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित है वहां विशेष सतर्कता रखी जावे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत स्तर भी कंट्रोल रूम का गठन किया जाए। अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने अनुभाग के तहसील स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम का निरीक्षण करें। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में आपदा से राहत हेतु गाँव के सरपंच/सचिव/पटवारी/शिक्षक/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/कोटवार/एएनएम के मोबाईल नम्बर कंट्रोल रूम में एक बुकलेट के रूप में होना चाहिए। बाढ़/आपदा के समय प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने हेतु ऐसे स्थानों को चिन्हांकित कर सत्यापन कर लिया जावे, कि वे रिक्त है। नर्मदा किनारे के गोताखोरो के मोबाइल नम्बर व नाव की सूची प्राप्त करें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सम्पर्क किया जावे। उन्होने निर्देशित किया कि तहसीलदार ऐसे ग्रामों को चिन्हांकित कर लेवे जो बाढ़ से प्रभावित हो, बाढ़ की स्थिति में कहाँ पर प्रभावित परिवार को ठहराया जा सकता है। सूचीबद्ध कर सूची भेजे। नियत भवनों को समय पूर्व खाली करवाकर चाबी का स्थान नियत करें। भोजन की व्यवस्था हेतु संबंधित विकासखण्ड अधिकारी, जनपद पंचायत की सहायता लेवें। अप्रिय स्थिति में प्रभावित को किन अधिकारियों/कर्मचारियों के पास पहुँचना है जानकारी उपलब्ध कराकर, सारी तैयारियाँ तत्काल कर ली जावे। उन्होने निर्देशित किया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुनर्बसाहट एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डाॅक्टर्स की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे साथ ही पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था करेंगे। ग्रामों में डीपो होल्डर्स बनाया जाकर उन्हें ब्लीचिंग पाउडर, ओआरएस घोल, उल्टी दस्त की दवाईयाँ आदि पर्याप्त मात्रा में रखे। जिले में बाढ़ आपदा के समय पहुँचविहीन ग्रामों में दवाओं का स्टाॅक व डाॅक्टर्स की व्यवस्था पूर्व से ही जावे। उन्होने निर्देशित किया कि समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी नालियों में सफाई सुनिश्चित करें। जहाँ पर पानी की रूकावट निकासी न होने से होती है, वहाँ पर सफाई अति आवश्यक है। स्वास्थ्य अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत खराब खाद्य पदार्थो को नष्ट करावे। पंचायत/वार्ड स्तर पर बाढ़/आपदा से संबंधित लगाये गए कर्मचारियों की सूची मोबाइल नम्बर सहित जिला कंट्रोल रूम को भेजना सुनिश्चित करें। श्री बनोठ ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित करें कि जिले के किसी भी जर्जर भवन में स्कूल न लगे। यह सुनिश्चित करें कि किसी स्कूल भवन में आवश्यक मरम्मत की जानी है तो तत्काल करा ली जावे। उन्होने निर्देशित किया कि स्कूल की छत से पानी का रिसाव न हो, स्कूल के सामने मैदान में पानी न जमा हो पावे। उन्होने निर्देशित किया कि गृह विभाग बाढ़ नियंत्रण एवं राहत हेतु नोडल विभाग है। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड बाढ़ आपदा से संबंधित सामग्रीयां चालू स्थिति में होना चाहिए। उन्होने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत अतिवृष्टि से आई बाढ़ के दौरान डूब प्रभावित पहुँच विहीन ग्रामों में खाद्यान्न के भण्डारण की व्यवस्था वर्षा प्रारम्भ होने के पूर्व सुनिश्चित कर ली जावे, डूब प्रभावित क्षेत्रों में सतत माॅनिटरिंग, बाढ़ के समय प्रभावितों को सुरक्षित ले जाने हेतु मोटरबोट/स्पीडबोट चलाये जाने हेतु केरोसिन की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर करेंगे। अतिरिक्त अधीक्षण यंत्री विद्युत पोल को वर्षा प्रारम्भ होने के पूर्व व्यवस्थित करें। ट्रांसफार्मर के ढक्कन/तार खुले हुए न हो जिससे कोई गंभीर दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। इसका विशेष तौर से ध्यान रखा जावे।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संतोष वर्मा, अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सोलंकी सहित सम्बंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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