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न पर्यावरण प्रदूषित हो, न मवेशियों की चढ़े बली, हर गांव में होगी इंसीनरेटर मशीन

इलेक्ट्रिक तरीके से नष्ट होंगे मास्क, हेण्ड ग्लब्स और सैनिटरी पैड


धार.
कोरोनावायरस के चलते संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाना जितना जरूरी है उतना ही आवश्यक हाथों में ग्लोब्ज पहनना भी है. इधर मासिकधर्म के दौरान महिलाएं सैनिटरी पैड का इस्तेमाल भी करती है, जो सभी वस्तुएं नष्ट करने की जरूरत है. अमूमन ऐसी वस्तुएं गैर जागरूकता के कारण सड़कों पर फेंकी जा रही है, जिससे ना केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि बेजुबान मवेशियों द्वारा संक्रमित वस्तुओं का सेवन करने से उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है. इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीकांत बनोठ के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ संतोष वर्मा ने जिले के प्रत्येक गांव में इंसीनरेटर मशीन लगाने का निर्णय लिया है.
इस मशीन से सभी नष्टीकरण योग्य मास्क, हेण्ड ग्लब्स, सैनिटरी पैड जैसी वस्तुओं का इलेक्ट्रिक नष्टीकरण हो सकेगा. जिससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बच सकेगा और बेजुबान ओं की चेहरे पर पढ़ने वाला बुरा प्रभाव की बंद हो सकेगा. सोमवार को जिला पंचायत में धार जनपद सीईओ सौरभ सिंह कुशवाह व तिरला जनपद सीईओ राधा डाबर ने मशीन को देखा और इसके उपयोग की महत्ता को समझा. काेराेना संक्रमण के दाैरान उपयाेग किए जाने वाले मास्क, हेण्ड ग्लब्स, हेड कवर एवं अन्य सेनेट्री उपयाेग की वस्तुआें को मशीन के नष्टीकरण बॉक्स में डालकर बटन दबाना होता है. कुछ ही मिनट में संक्रमित वस्तुएं बगैर पर्यावरण प्रदूषण के नष्ट हो जाती है. मशीन में इलेक्ट्रिक ऑटो कट भी है, जिससे वस्तुओं के नष्टीकरण के बाद वह बंद हो जाएगी और इससे कम इलेक्ट्रिक खर्च में काम आसान हो जाएगा. अमन इस तरह की मशीनें लाखों रुपए की आती है लेकिन जो मशीन धार जिले के गांव में लगनी है, वे काफी रियायती हैं.

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