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एक ही जाल में फंसे थे दो लोग, निकलने के लिए महिला को मार दिया, शव जला दिया और तीसरे को फसाने के लिए दूसरे गांव फेंक आए लाश

एसपी के निर्देशन व एएसपी के मार्गदर्शन में पुलिस ने 4 ही दिन में कर दिया अंधे कत्ल का खुलासा एक आरोपी गिरफ्तार दूसरे को पकड़ने की पुरजोर कोशिश

एक नजर में पूरा मामला
– गंधवानी क्षेत्र में मिली महिला की अधजली लाश की गुत्थी सुलझाने में, धार पुलिस को मिली सफलता।
– 2 आरोपियों ने मिलकर गंधवानी की रहने वाली महिला की 4 दिन पहलें की थी निर्मम हत्या।
– पुलिस की गिरफ्त में एक आरोपी।
– आरोपी के कब्जे से मृतक महिला का मोबाइल व घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल को किया जप्त।
– महिला की गोली व चाकू से हत्याकर, शव अवल्दामान में लाकर फेका।
– पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को जलाया।

धार.
अपनी करतूत छिपाने के लिए दूसरे को मोहरा बनाते हुए एक महिला की हत्या कर उसके शव को जलाकर किसी दूसरे गांव के नजदीक फेंकने के मामले में पुलिस ने चार ही दिन में आरोपी को धर दबोचा. हालांकि अभी एक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है लेकिन शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने अपने दल उसको पकड़ने के लिए चारों ओर दौड़ा दिए हैं. लाश मिलने की सूचना और अधजले शव के कारण इसकी पड़ताल गंभीर नजर आ रही थी लेकिन पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 2 थानों की पुलिस के अलावा साइबर और क्राइम ब्रांच टीम ने महज 4 दिन में ना केवल आरोपियों का पता लगा लिया बल्कि एक आरोपी को पकड़कर इस गंभीर मामले का पर्दाफ़ाश कर दिया.

ऐसे हुई थी घटना
1 अक्टूबर को अवल्दामन गांव के गलिया पिता फूलसिंह भील ने थाना गंधवानी पहुंचर बताया कि पटेलपुरा में प्राथमिक स्कूल के पास किसी महिला की जली लाश पड़ी हुई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना प्रभारी गंधवानी जयराज सोलंकी टीम सहित मौके पर पहुंचे, जहां लगभग 30-32 साल की महिला का शव अधजली अवस्था में पड़ा था। मृतिका के शरीर पर धारदार हथियार की चोट के निशान थे। घटना स्थल का थाना प्रभारी गंधवानी एवं एफएसएल टीम व फिंगर प्रिन्ट टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। मृत महिला का शव देखने से ही पता चल गया था कि मामला हत्या का है। शव को पोस्ट मार्टम के लिए इन्दौर भेजा व थाना गंधवानी में मर्ग कायम किया।

ऐसे शुरु हुई पड़ताल
सनसनीखेज हत्या में महिला शव की तत्काल शिनाख़्त कर हत्या करने वाले आरोपियों का पता लगाने व उन्हें धरदबोचने के लिए पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में एसडीओपी मनावर करण सिंह रावत, थाना प्रभारी गंधवानी जयराज सोलंकी एवं थाना प्रभारी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय को निर्देश देकर कार्यवाही हेतु लगाया।

यहां से मिला सुराख
विवेचना के दौरान पुलिस टीम को महिला शव के दाहिने हाथ पर मिले निशान एवं अन्य साक्ष्य से पता चला कि मृतक महिला का नाम केशरबाई पिता बकन भील उम्र 30 साल निवासी ग्राम नर्मदानगर चौकी निसरपुर थाना कुक्षी है। मृतिका केसरबाई अपने पति महेन्द्र को छोड़कर अकेली गणपुर बायो पेट्रोल पम्प के पीछे तुलसीराम पिता जामसिंह भील के मकान में किराये से रहती थी। महिला के संबंध में सूक्ष्मता से जानकारी लेते पता चला कि मृतिका केसरबाई को ग्राम उदियापुरा पटेलपुरा थाना मनावर के रहने वाला सोहन पिता सुकलाल वास्केल करीबी से जानता था तथा आसपास के लोगो ने घटना दिनांक के 2 दिन पहले भी सोहन को मृतिका केसरबाई के साथ अपनी मोटर सायकल से घुमते देखा था।
 
पुलिस टीम द्वारा मृतिका केसरबाई के बारे में सम्पूर्ण जांच करते हुए संदेह की सूई सोहन वास्कले पर आ रूकी। सोहन की तलाश उसके घर पर करते पुलिस ने पाया कि सोहन 2-3 दिन से ही अपने घर से फरार है। पुलिस अधीक्षक धार महोदय के नेतृत्व में थाना गंधवानी पुलिस एवं थाना मनावर पुलिस टीम को सक्रिय किया गया और तकनीकी सहायता की मदद से सोहन को पकड़कर पूछताछ हेतु थाना गंधवानी लाया गया।
 
पुलिस टीम द्वारा सोहन वास्कले से मृतिका केसरबाई के संबंध में पूछताछ करते घबरा गया और कभी कुछ-कभी कुछ ब्यान देने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया एवं उसने अपने एक अन्य साथी गोविन्द पिता कालूराम के साथ मिलकर केषरबाई की हत्या करना कबूल किया।
 
मृतिका केशरबाई की हत्या का कारण पूछते सोहन ने पुलिस को बताया कि मृतिका केशरबाई अपने पति से अलग रहकर गोविन्द पिता कालूराम के साथ रहती थी तथा गोविन्द भी शादीशुदा होने से केशरबाई से पीछा छुडाना चाहता था। 3-4 माह पूर्व सोहन के रिश्तेदार दिनेश भीलाला निवासी मुजाल्दापुरा बोरडाबरा की शादी मृतिका केशरबाई ने एक पूजा नाम की लडकी से 80,000 रुपए लेकर कराई थी, जो लडकी शादी के बाद सिर्फ 10-15 दिन दिनेश के घर रही, जिसके उपरांत मृतिका के साथ मायके जाने के बहाने वापस आ गयी थी, जिसके बाद से दिनेश के घर नही गई थी। दिनेश द्वारा रुपए मांगने पर केशरबाई ने 80,000 रुपए वापस देने से मना कर दिया था।
 
बोरडाबरा का दिनेश व उसका परिवार सोहन वास्केल को लडकी या नगदी 80 हजार रुपए वापस लौटाने के लिए बार-बार परेशान कर रहा था तथा सोहन व केसरबाई को जान से मारने की धमकी भी दे रहा था। इस तरह सोहन व गोविन्द दोनो अलग-अलग कारणों से केशरबाई से परेशान थे। 29 सितंबर को गोविन्द किसी बहाने से ग्राम खेरवा जंगल में लेकर आए और गोविन्द व सोहन ने मिलकर केशरबाई की पिस्टल से गोली मारकर और चाकू से हत्या कर दी तथा लाश को बोरे में भरकर मोटर सायकल पर रखकर अवल्दामान ले आए तथा वहा लाश का चेहरा छोडकर बाकि शव घासलेट डालकर जला दिया। दोनो आरोपियों ने लाश को अवल्दामान इसीलिए फेका था क्योंकि अवल्दामान ग्राम बोरडाबरा के पास ही लगा हुआ गांव है तथा मृतिका केशरबाई की हत्या का शक बोरडाबरा वालों पर आए।
 
पुलिस टीम द्वारा आरोपी सोहन को थाना गंधवानी के अपराध क्रमांक 345/20 धारा 302, 201, 34 भादवि में केशरबाई की हत्या करने के जुल्म में गिरफ्तार कर लिया है, तथा आरोपी सोहन का साथी गोविन्द अभी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी है। 

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